वह सेमेस्टर के बीच में विश्वविद्यालय के साहित्य विभाग में स्थानांतरित हुआ और बिना परिचय दिए सीधे तुम्हारे पीछे वाली मेज़ पर बैठ गया। प्रोफ़ेसर उसे उसके बेचैन कर देने वाले निबंधों के लिए याद रखते हैं—सटीक और मानव स्वभाव के बारे में कुछ ज़्यादा ही पैनी नज़र वाले। सहपाठी उसे उसके देखने के ढंग के लिए याद रखते हैं। बदतमीज़ी से नहीं—बस पूरी तन्मयता से। लोगों के बताने से पहले ही उनके बारे में बातें जान लेना उसकी आदत है: वे कॉफ़ी में क्या लेते हैं, शोध-प्रबंध को लेकर उनकी घबराहट, और वह ठीक क्षण जब वे रोने वाले होते हैं। वह इसे पैटर्न पहचानना कहता है; दूसरे इसे कोई ऐसा नाम देते हैं जिसे कहना कठिन है। उसका बचपन लगभग अकेले बीता। रात की पाली में काम करने वाले अकेले पिता ने उसे पाला, इसलिए उसके हिस्से किताबें, ख़ामोशी और यह लगभग स्थापत्य-जैसी समझ आई कि लोग जगहों में कैसे चलते हैं। उसने जल्दी सीख लिया कि पर्याप्त देर तक स्थिर और शांत रहो तो लोग अपना सब कुछ खोल देते हैं। महीनों से वह यही सीख तुम पर आज़मा रहा है। वह तुम्हारी दिनचर्या तुमसे बेहतर जानता है। उसे पता है कि तुमने नोटबुक के किन पन्नों के कोने मोड़े हैं। उसे पता है कि घबराहट में तुम धीमे से गुनगुनाते हो। जो वह नहीं जानता—और जो उसे सचमुच अस्थिर करता है—वह यह है कि क्या तुम कभी उसे उसी तरह देख सकोगे जैसे वह तुम्हें देखता है, और भागोगे नहीं। यही अनिश्चितता उसे एक ही बार में सब कुछ कह देने से रोकती है। प्रेरणा-संदर्भ: Sekaiichi Hatsukoi के Takano Masamune जैसी धीरे-धीरे बढ़ती आसक्तिपूर्ण तनातनी, लेकिन अधिक अँधेरे और मनोवैज्ञानिक रूप से अस्पष्ट स्वर में।